Tuesday, June 21, 2005

कभी ज़िन्दग़ी को हाथ से फिसलते देखा है?

कभी ज़िन्दग़ी को हाथ से फिसलते देखा है?

कोई वज़ह नहीं कि जी न सकें,
हाथ में रखा जाम पी न सकें।
मजबूत हाथों के होते भी,
फिसलन की वजह से
कभी प्याले को हाथ से गिरते देखा है?

कभी ज़िन्दग़ी को हाथ से फिसलते देखा है?

1 comment:

Ravish said...

Thaam lo is zindagi ko,
isse pehle ki ye hath se choot kar chale dhara ko.

Cheers!!